Gaylaxy Hindi

'दो पहलू' - एक कविता | तस्वीर: अभिषेक गौर | सौजन्य: क्यूग्राफी |

“दो पहलू” – एक कविता

एक रात एक सपना आता है, जिसके दो पहेलू होते हैं। एक में तो हम सोते हैं, दूसरे में अन्दर से रोते हैं। एक पहेलू में होती खुशियाँ सारी , जहाँ ख़्वाबों की होती प... Read More...
'उन्होंने कुछ नहीं कहा' - एक कविता | तस्वीर: सेंतिल वासन | सौजन्य: क्यूग्राफी |

“उन्होंने कुछ नहीं कहा” – स्वगत कथन

प्रस्तुत है इस स्वगत-कथन की उत्तर-कृति: वह चुपचाप होने वाली बातें जो होकर रह गयी हैं: वक़्त के तले में अब भी चिपकी हुई हैं। वो कुछ न कह सके हम कुछ न कह सके; कभी... Read More...
'अर्धनारीश्वर' - एक कविता | चित्रकार: उदित नारायण मेष |

‘अर्धनारीश्वर’ – एक कविता

पहनो जो तुम पहनना चाहते हो करो जो तुम्हारा दिल कहे ज़माने की बंदिशों को परवरदिगार न समझ अनासिर बुत न समझ मुझे मैं भी उतना ही खुदा हूँ जितना है तू घुंगरू ... Read More...
'दुविधा' एक कविता | छाया: कार्तिक शर्मा | सौजन्य: क्यूग्राफी |

दुविधा (एक कविता)

जलते कोयले पर जमी राख की परत को मिली है तुम्हारे स्पर्श से हवा अब इस सुलगी आग का क्या करूँ मैं? छोड़ दूँ गर इसे अपने नतीजे पे तो प्रश्न अस्तित्त्व का है ब... Read More...
क्रॉसड्रेसर - एक कविता | तस्वीर: वेंकट रामदास | सौजन्य: क्यूग्राफी |

क्रॉसड्रेसर – एक कविता

कुछ काम मैंने औरतों की तरह किए कुछ नहीं, कई और फिर धीरे-धीरे, सारे   सबसे आखिर में जब मैं लिखने बैठा मैंने कमर सीधी खड़ी करके पंजों और ऐड़... Read More...
धनञ्जय चौहान

‘फीस में बढौतरी न मिटा पाई पढने की जिज्ञासा’

पंजाब विश्वविद्यालय का घटनाक्रम - मेरी नज़र में (अप्रैल २०१७ में लिखित) मैं धनञ्जय मंगलमुखी पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ की प्रथम ट्रांसजेंडर विद्यार्थी हूँ। मै... Read More...
'ब्रेड-कटलेट-पोहा-ऑमलेट' - एक कहानी | तस्वीर: ग्लेन हेडन | सौजन्य: क्यूग्राफी |

“ब्रेड-कटलेट-पोहा-आमलेट” (कहानी)

मई - जुलाई २०१६, ग्राइंडर पर: 'जगह है':-“बॉडी नहीं प्लीज़” 'आर्य५२७':-“ठीक है” 'जगह है':-“नो किसिंग...नो टचिंग" 'आर्य५२७':-“ठीक है” 'जगह है':-“सिर्फ ब्लो जॉ... Read More...
'सिसक' (एक कविता) | तस्वीर: हृषिकेश पेट्वे | सौजन्य: क्यूग्राफी |

सिसक – एक कविता

रोशनदानों की रोशनी सी पुलक-पुलक मैंने इबादत पढ़ी है जो परवरदिगार इसका तू और आयात तेरे अफ़साने। जावेदा-सी नहीं है ये शमा कोई, तेरी जुस्तजू में आफ़ताब-सा मेरा हिय... Read More...
'वापसी' (२/२) | तस्वीर: ग्लेन हेडन |

“वापसी” एक शृंखलाबद्ध कहानी (भाग २/२)

कहानी की पहली किश्त यहाँ पढ़ें। उसका घर, घर जैसा था। फिर बातें हुई, बहुत-सी बातें, कुछ जरुरी थी, कुछ ग़ैर-जरुरी, कुछ याद हैं, बहुत-सी नहीं भी। उन बातो का सार यही... Read More...
'वापसी' (१/२) | तस्वीर: क्लेस्टन डीकोस्टा | सौजन्य: क्यूग्राफी |

“वापसी” एक शृंखलाबद्ध कहानी (भाग १/२)

एक सपना हर रात आता है। अँधेरा-सा कॉरिडोर है। कोने पर लिफ्ट है। गरदन झुकाये मैं चला जा रहा हूँ। आवाज़ आती है। "एक ही प्रेस करना, ज़ीरो नहीं।" कोई चेहरा नहीं। बस ... Read More...
पॉल एक गाथा (८/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल |

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ८/८)

यह एक वास्विक घटनाओ से प्रेरित परन्तु काल्पनिक कहानी है। तस्वीरें केवल प्रस्तुतीकरण हेतु हैं उनमें दर्शाए गए लोगों का कथा से कोई संबंध नहीं है। इस कहानी की पिछ... Read More...
'पॉल एक गाथा' (७/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल | तस्वीर केवल प्रस्तुतीकरण हेतु'पॉल एक गाथा' (७/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल | तस्वीर केवल प्रस्तुतीकरण हेतु|

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ७/८)

यह एक वास्विक घटनाओ से प्रेरित परन्तु काल्पनिक कहानी है। तस्वीरें केवल प्रस्तुतीकरण हेतु हैं और उनमें दर्शाए गए लोगों का कथा से कोई संबंध नहीं है। इस कहानी की ... Read More...